Health Benefits: मोटा अनाज छोटे बच्चों की सेहत लिए कितने फायदेमंद होता है, जानें विस्तार से

संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा के बाद दुनियाभर में मोटे अनाज की पैदावार और इसके सेवन पर जोर भी दिया जा रहा है।
  
Motte Anaj

Aapni News, Health

संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को International Year of Millets घोषित किया है। इस वर्ष को मोटे अनाज का वर्ष घोषित करने का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर के लोगों को देसी अनाजों का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ की घोषणा के बाद दुनियाभर में मोटे अनाज की पैदावार और इसके सेवन पर जोर भी दिया जा रहा है। सेहत के लिए मोटे अनाज को बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।

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इंटरनेशनल क्रॉप्स एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी एरिड ट्रॉपिक्स यानी ICRIST द्वारा की गई रिसर्च में ये बात सामने आ रही है कि चावल, गेहूं के मुकाबले अगर जौ-बाजरा जैसे मोटे अनाज को बच्चों की डाइट में शामिल की जाती है तो ये उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देने में सहायता करती है। रिसर्च में ये बात सामने आई है कि छोटे बच्चों को मोटा अनाज खिलाने से कुपोषण की समस्या को दूर किया जाता है। आज इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कि छोटे बच्चों को मोटा अनाज खिलाने के 5 फायदे के बारे में।

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मोटा अनाज कौन सा होता है?
मोटा अनाज बच्चों की सेहत के लिए कितना फायदेमंद है आखिरकार भारत में कौन से अनाज को मोटा माना जाता है। जैसे ज्वार, बाजरा, रागी (मडुआ), मक्का, जौ, कोदो, सामा, बाजरा, सांवा जैसे अनाज को मोटा अनाज माना जाता है। मोटे अनाज में पर्याप्त मात्रा में फाइबर की मात्रा ज्यादा पाई जाती है, जो हमारे स्वास्थय के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।

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बच्चों को मोटा अनाज खिलाने के 5 फायदे

पाचन तंत्र को बनाता है मजबूत
मोटे अनाज में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो अपने पाचन संबंधी समस्या जैसे पेट में दर्द, कब्ज, उल्टी और गैस की समस्या से राहत दिलाने में सहायता करता है।

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खून की कमी को करता है दूर
मोटे अनाज बाजरे और रागी में आयरन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है और कई रिसर्च में ये बात सामने भी आ चुकी है कि रागी और बाजरे का सेवन करने से शरीर में आयरन की कमी को पूरा किया जा सकता है। खासकर प्रेगनेंसी में रागी का सेवन भी किया जाए तो ये एनीमिया की समस्या को दूर करने में सहायता करता है।

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दांतों और हड्डियों को बनाता है मजबूत
मोटे अनाज में कैल्शियम की प्रचुर मात्रा भी पाई जाती है। कैल्शियम युक्त होने के कारण मोटा अनाज छोटे बच्चों के दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायता करते हैं।

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मानसिक और शारीरिक विकास में सहायता
मोटे अनाज में सोडियम, प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में भी पाया जाता है। जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास को बढ़ावा देने में सहायता भी करता है।

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इम्यूनिटी को बनाता है स्ट्रांग
मोटा अनाज जैसे की मक्का में विटामिन ए और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में पाया जाता है। इसके साथ ही मक्के में मौजूद पोषक तत्व बच्चों की इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाने में सहायता करते हैं।

 

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