विराट कोहली की सफलता के पीछे इन तीन लोगों का हाथ, कहा- चेहरा और नाम याद रखना

अब विराट कोहली ने उन तीन लोगों की तारीफ की है जो टीम इंडिया से जुड़े हुए हैं, जिनके कारन टीम इंडिया के खिलाड़ी अच्छी प्रैक्टिस करते हैं। ये तीन व्यक्ति रघु, नुवान और दयानंद गरानी हैं। तीनों टीम इंडिया के साथ थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट के तौर पर जुड़े हुए हैं। एक इंटरव्यू में विराट कोहली ने इन तीनों का जिक्र किया।
  
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विराट कोहली अपने पुराने फॉर्म में लौट आए हैं। कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में दो मैचों में शतक जड़े। इससे पहले उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी वनडे में भी शतक लगाया था। कोहली की शानदार फॉर्म में वापसी भारतीय टीम के लिए अच्छे संकेत है। वैसे भी इस साल अक्टूबर-नवंबर में भारत में ही वनडे वर्ल्ड कप भी खेला जाना है, जहां सभी की निगाहें कोहली पर होंगी। 

अब विराट कोहली ने उन तीन लोगों की तारीफ की है जो टीम इंडिया से जुड़े हुए हैं, जिनके कारन टीम इंडिया के खिलाड़ी अच्छी प्रैक्टिस करते हैं। ये तीन व्यक्ति रघु, नुवान और दयानंद गरानी हैं। तीनों टीम इंडिया के साथ थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट के तौर पर जुड़े हुए हैं। एक इंटरव्यू में विराट कोहली ने इन तीनों का जिक्र किया।

कोहली ने कहा, 'आप सभी रघु को जानते हैं, हमने उनके बारे में काफी कुछ कहा है। फिर नुवान जो श्रीलंका से है, लेकिन अब अधिक भारतीय है। और दया... वह कुछ साल पहले जुड़े थे और अब टीम का अभिन्न अंग हैं। मेरी राय में उन्होंने हमें प्रतिदिन विश्व स्तरीय अभ्यास कराया है। वे हमें नेट्स में तेज गेंदबाजों की तरह 145 या 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने की चुनौती देते हैं और वे हमेशा हमें आउट करने की कोशिश करते हैं।

विराट कहते हैं, 'कभी-कभी यह तेज लगता है, लेकिन इसने मेरे करियर में बहुत बड़ा बदलाव किया है। मैं जिस तरह का क्रिकेटर हुआ करता था और आज जिस तरह का क्रिकेटर हूं, इसका काफी श्रेय इस बात को जाता है कि इन लोगों ने हमें नियमित रूप से अभ्यास करने में कैसे मदद की। उनका योगदान अविश्वसनीय रहा है। आप लोगों को इनका चेहरा और नाम याद रखना चाहिए क्योंकि हमारी सफलता के पीछे इन्हीं लोगों का बहुत बड़ा हाथ है।

भारतीय खिलाड़ी रघुवेंद्र को 'रघु' कहकर बुलाते हैं। रघु ने लगभग 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने की अपनी अनूठी क्षमता के कारण टीम इंडिया के खिलाड़ियों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। नुवान सेनेविरत्ने के रूप में, उन्होंने दो प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं। दयानंद गरानी की बात करें तो वह दोनों हाथों से गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं। दयानंद ने एनसीए में प्रशिक्षण भी लिया है।

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