Home क्राइम किसान हुआ सुनार की ठगी का शिकार, मामला पहुंचा मुख्यमंत्री के मार्फत थाने

किसान हुआ सुनार की ठगी का शिकार, मामला पहुंचा मुख्यमंत्री के मार्फत थाने

  • भादरा बाजार सिरसा के ज्योति ज्वेलर्स संचालक राजेंद्र सोनी पर किसान ने लगाये आरोप

  • पढि़ये ठग सुनार किस तरह से ठगते हैं अपने ग्राहकों को, ग्रामीण ग्राहक ज्यादा होते हैं शिकार

Aapni News Chopta (Sirsa)

सिरसा जिला के गांव गुडिया खेड़ा निवासी एक किसान ने शहर के भादरा बाजार स्थित एक सुनार पर ठगी करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा को की है। सीएम विंडो की शिकायत चौपटा थाना में पहुंची है जहां से अब मामले की जांच के लिए जमाल चौकी में तैनात एएसआई जगत राम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिकायतकर्ता गांव गुडिया खेड़ा निवासी हनुमान ने बताया कि उन्होंने भादरा बाजार स्थित ज्योति ज्वेलर्स के संचालक राजेंद्र सोनी से वर्ष 2013 में सोने के आभूषण खरीदे थे जिनका रंग कुछ साल बाद ही काला पड़ने लगा।
आरोप है कि जब उन्होंने उक्त आभूषणों की शुद्धता की जांच करवाई तो पता चला कि आभूषणों में 30 फिसदी मिलावट है। ऐसे में शिकायतकर्ता ने वो आभूषण वापिस ज्योति ज्वेलर्स के संचालक राजेंद्र सोनी को देने के लिए गए। वहां पर उनके साथ ठगी की गई। पहले तो सुनार राजेंद्र सोनी ने यह कहते हुए आभूषण वापिस लेने में आनाकानी की कि मौसम में बदलाव के साथ आभूषणों का रंग थोड़ा बदल जाता है और हम इनको साफ करके दे देते हैं लेकिन जब ग्राहक आभूषण वापसी पर अड़ा रहा तो फिर सुनार ने उनके कुल वजन में से पहले तो नग-नगिनों एंव रंग-पॉलिश के नाम पर करीब 5 फिसदी सोने में कटौती कर ली वहीं फिर बचे हुए आभूषणों के वजन में से 15 फिसदी और अतिरिक्त काट यह कहते हुए काट लिया कि इतनी तो आभूषण बनाते समय मिलावट करनी पड़ती है। यही नहीं इसके बाद जो राशि बनी उसमें से भी 10 हजार रूपये और यह कहते हुए कम दिये कि ये 10 हजार रूपये उस वक्त के बकाया है जब आभूषण बनवाए थे। शिकायतकर्ता हनुमान का कहना है कि जब उस 10 हजार रूपये की पुरानी लिखत दिखाने के लिए सुनार को बोला तो उसने कोई लिखत नहीं दिखाई और जबरदस्ती वो पैसे काट लिये।
शिकायतकर्ता गुडिया खेड़ा निवासी हनुमान का कहना है कि सुनार के कोई पैसे बकाया नहीं थे, यदि बकाया होते तो 6-7 साल में जरूर मांगता वहीं जिस तरह की ठगी उसके साथ की गई है वैसी ठगी उक्त सुनार अन्य ग्राहकों के साथ भी करता है लेकिन लोग जागरूक नहीं होने की वजह से सुनार की ठगी पकड़ी नहीं जाती है।

सिरसाः दुकान पर काम करने वाले युवक पर तेजधार हथियारों से हमला, पिस्तौल भी दिखाई

इस तरह की जाती है ठग सुनार द्वारा ग्राहक से ठगी

शिकायतकर्ता हनुमान का कहना है कि कोई भी व्यक्ति जब किसी सुनार से आभूषण खरीदता है तब सुनार उन आभूषणों को बनाने की लेबर अतिरिक्त वहन करता है। वहीं उस दिन के रेट के मुताबिक कुल वजन का भुगतान करता है लेकिन जब वापिस किया जाता है तो नग-नगिने, रंग-पॉलिश, आभूषण बनाने के दौरान की मिलावट के नाम पर कुल वजह में से करीब 20 फिसदी कटौती अवैध रूप से कर ली जाती है क्योंकि ग्राहक जब आभूषण बनवाता है तब कुल वजह के हिसाब से पैसे वहन करता है फिर चाहे उसमें नग-नगिने जड़े हों, पॉलिश या रंग किया हो या फिर बनाते समय कोई मिलावट की हुई हो। ग्राहक उन सबका सोने के भाव से पैसे वहन करके आता है लेकिन वही सुनार वापिस लेते समय अवैध रूप से ठगी करते हैं।

ये दो कारण हैं ज्यादा ठगी की वजह

सुनार की ठगी के शिकार ग्रामीण क्षेत्र के लोग जिसमें गरीब मजदूर एंव किसान ज्यादा होते हैं। इसके पीछे दो बड़े कारण है। पहला ये है कि ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर लोग अपने परंपरागत सुनार से ही आभूषण खरीदते हैं। पुराना विश्वास होता है जिसकी वजह से ज्यादातर लोग सुनार पर अंधविश्वास कर लेते हैं और सुनार इसका नाजायज फायदा आभूषणों में काफी ज्यादा मिलावट करके उस ग्राहक के साथ विश्वासघात करते हैं। वहीं दूसरी वजह ये है कि ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर लोग विवाह-शादी में ही आभूषण खरीदते हैं और वो भी सुनार से उधारी में। विवाह-समारोह में ग्राहक के पास ज्यादा समय आभूषणों की शुद्धता को जांचने-परखने का नहीं होता है और सुनार जिस भी गुणवता में आभूषण बनाकर देता है वो उन्हें ले जाता है। यदि कोई जागरूक ग्राहक शुद्धता के संबंध में कुछ बोलता भी है तो उसे इस बात की दिक्कत हो जाती है कि फिर सुनार उन्हें आभूषण उधार में नहीं देगा। ऐसे में जागरूक ग्राहक की उस चुप्पी का भी काफी सुनार नाजायज लाभ उठा लेते हैं।

ये है ठग सुनारों की ठगी से बचने के तरीके

शुद्ध सोना 24 कैरट का होता है मगर, 24 कैरट के सोने से गहने नहीं बन पाते हैं। गहने बनाने के लिए 22 या 18 कैरट के सोने का इस्तेमाल होता है और 22 या 18 कैरट की कीमत 24 कैरट से कम होती है इसका ध्यान रखना ग्राहक के लिए जरूरी है। ज्वेलर्स से सोने की शुद्धता और कीमत जानकर उससे बिल पर जरूर लिखवाएं। इसके अलावा आपके पास एक विकल्प यह भी है कि आप हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें क्योंकि हॉलमार्क सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी होती है। इसमें 24 कैरट वाले सोने पर 999 और 22 कैरट पर 916 का हॉलमार्क अंकित होता है। इन अंकों के जरिए आप समझ सकते हैं कि आपने जो गोल्ड खरीदा है, वह कितना शुद्ध है। वहीं हॉलमार्क के साथ भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का तिकोना निशान होता है। बीआईएस लोगो, गोल्ड नंबर के साथ (शुद्धता, जैसे कि 24 कैरट के लिए 999), एसेसी सेंटर, ज्वैलरी आइडेंटीफिकेशन मार्क के साथ हॉलमार्किंग इयर भी लिखा होता है। इन सभी को ध्यान से देखकर खुद प्रमाणित कर लें कि सोना कैसा है। ग्राहक सोना खरीदते समय यह भी ध्यान रखें कि काफी आभूषणों में नग लगे होते हैं और सुनार उन नगों को भी कुल वजह में शामिल कर लेता है जो कि नहीं किया जाता चाहिए। इसलिए जब भी नग लगे आभूषण खरीदें, तो सुनार से उन नगों की रत्ती के बारे में भी पूछें और शुद्धता का पैमाना जानने के बाद उसका सर्टिफिकेट भी लें।

आरोप बेबुनियादः राजेंद्र सोनी

जब इस संबंध में राजेंद्र सोनी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन पर लगाये गए सभी आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने कोई ठगी नहीं की है।

CM विंडो में आई शिकायतों पर हरियाणा सरकार की बड़ी कार्रवाई, कई अधिकारियों पर गिरी गाज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

हादसा: फुटपाथ में लगे खंभे में उतरा करंट, चपेट में आने से  इंजीनियर की मौत

Aapni News, Rewari रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा के पॉश एरिया सेक्टर 4 व 6 को दिल्ली-जयुपर हाई…