Home चंडीगढ़ दोस्त हो तो ऐसा:दोस्त की मां का ऑक्सीजन लेवल नीचे जा रहा था; 8 घंटे में 420 किमी दूर चंडीगढ़ से बाइक पर रेमडेसिविर लेकर अलवर पहुंचा साथी

दोस्त हो तो ऐसा:दोस्त की मां का ऑक्सीजन लेवल नीचे जा रहा था; 8 घंटे में 420 किमी दूर चंडीगढ़ से बाइक पर रेमडेसिविर लेकर अलवर पहुंचा साथी

Aapni News, Chandigarh

चंड़ीगढ़ में रहने वाले अर्जुन बाली के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले दोस्त अलवर निवासी साहिल की मां की जान पर बन आई थी। उन्हें बचाने के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत थी। बस फिर क्या अर्जुन ने इंजेक्शन की व्यवस्था की और चंडीगढ़ से 420 किलोमीटर दूर अलवर का सफर बाइक से सिर्फ 8 घंटे में तय किया।

साहिल की मां को कोरोना हो गया। ऑक्सीजन सैचुरेशन 84 के आसपास आ गया। इंफेक्शन भी 18 से अधिक हो गया। हालत नाजुक् होने का उसके दोस्त अर्जुन बाली को पता लगा। बाली को यह पता लगा कि अलवर में रेमडेसिवीर इंजेक्शन नहीं मिल रहे और दोस्त की मां को इनकी सख्त जरूरत है। अर्जुन ने साहिल को भी नहीं बताया कि वह आ रहा है। नहीं तो इतनी दूर से आने के लिए हो सकता है मना भी कर देता। अर्जुन ने 420 किमी का सफर 8 घंटे कुछ मिनट में तय कर लिया। अलवर आकर बोला मेरे दोस्त की मां भी मेरी मां।

साहिल के पिता इंडियन आर्मी में हैं। इस कारण उनकी मां का मिलिट्री हॉस्पिटल अलवर में इलाज चल रहा है। साहिल ने बताया कि जब मां का ऑक्सीजन सैचुरेशन नीचे जा रहा था। तब चिकित्सकों ने कहा कुछ इंजेक्शन का इंतजाम कर लो। कुछ तो अस्पताल से मदद मिली। इस बारे में एक दिन दोस्त से बात हो रही थी। जब उसे पता चला कि रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल रहे। तब उसने बिना देर किए इंजेक्शन खरीदे और चंडीगढ़ से अलवर पहुंच गया।

अलवर में उनका स्वागत
अलवर पहुंचने पर जैसे भाजपा अलवर के उपाध्यक्ष जितेन्द्र राठौड़ सहित कुछ लोगों को पता लगा। सबने अर्जुन बाली का स्वागत किया। यहां आने के बाद अर्जुन ने कहा कि दोस्त की मां मेरी मां। साहिल ने कहा कि हम दोनों अच्छे दोस्त हैं। मां के लिए दोस्त इंजेक्शन लेकर आया है। निश्चित रूप से सबकी दुआओं से मां कोरोना की जंग जीतेगी।

अलवर में नहीं मिल पा रहे इंजेक्शन
असल में अलवर में अब भी जरूरत के सब मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। हर अस्पताल में ऐसे मरीज भर्ती हैं। जिनको इंजेक्शन की जरूरत है। लेकिन सरकार से गिने चुने इंजेक्शन आते हैं। ज्यादातर सरकारी अस्पतालों में मरीजों को लग जाते हैं। अब तो निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में मरीज भर्ती हैैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

दिल दहला देने वाला मामला: चार माह के मासूम को पिलाया तेजाब, जानिए वजह

Aapni News, Panipat पानीपत में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। चार माह के एक मासूम …