हत्यारे व बलात्कारी बाबा को पैरोल मिलने पर हरियाणा सरकार कटघरे में!, सीएम ने जानें क्या दिया जवाब

  
 हत्यारे व बलात्कारी बाबा को पैरोल मिलने पर हरियाणा सरकार कटघरे में!, सीएम ने जानें क्या दिया जवाब
Aapni News, Chandigarh

बलात्कार और हत्या के मामले में सजायाफ्ता डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जल्दी-जल्दी पैरोल दिए जाने को लेकर हरियाणा सरकार सवालों में घिर गई है। वहीं, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (CM Manohar Lal Khattar) ने कहा है कि पैरोल राम रहीम का अधिकार है।

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बलात्कार के एक मामले में 20 साल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को दी गई 40 दिन की पैरोल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खट्टर शनिवार को चंडीगढ़ में कहा कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी कि राम रहीम को पैरोल मिली है। अगर उन्हें पैरोल मिली है तो यह सभी प्रक्रियाओं के अंतर्गत ही दी गई होगी। पैरोल उनका अधिकार है और मैं इसमें कोई दखल नहीं दूंगा।

बीते साल अक्टूबर में भी मिली थी पैरोल
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख रोहतक की सुनारिया जेल में बलात्कार और हत्या के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है। इससे पहले दिन में राम रहीम को अक्टूबर 2022 में भी 40 दिन के पैरोल पर रिहा किया गया था।

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हरियाणा के जेल मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने कहा, "गुरमीत राम रहीम यहां हर दूसरे कैदी की तरह है और उसके पास भी उसके मौलिक अधिकार हैं। 3-5 साल के बाद एक कैदी पैरोल के लिए आवेदन कर सकता है और यह हमारे हाथ में नहीं है, सक्षम प्राधिकारी जमानत पर फैसला करता है।"

20 साल की हुई है सजा
गौरतलब है कि डेरा प्रमुख को हरियाणा पंचायत चुनाव और आदमपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले भी पैरोल दी गई थी। रहीम को 17 जून को एक महीने की पैरोल मिली थी। इससे पहले फरवरी में डेरा प्रमुख को तीन सप्ताह का फरलो दिया गया था। वह 2017 से हरियाणा की सुनारिया जेल में कैद है, जहां वह सिरसा में अपने आश्रम की दो शिष्याओं के साथ बलात्कार करने के आरोप में 20 साल की सजा काट रहा है।

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गुरमीत राम रहीम को अगस्त 2017 में पंचकूला की एक स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के लिए दोषी ठहराया था। सीबीआई ने 2003 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों पर मामला दर्ज किया था और कुरुक्षेत्र में पुलिस स्टेशन सदर में पहले दर्ज मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।

आरोप है कि कुरुक्षेत्र के गांव खानपुर कोलियान निवासी रणजीत सिंह की हत्या 10 जुलाई 2002 को उस समय कर दी गई जब वह हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र के गांव खानपुर कोलियान में अपने खेतों में काम कर रहा था। इस मामले की जांच के बाद, सीबीआई ने 2007 में छह आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया और 2008 में आरोप तय किए गए, जबकि 8 अक्टूबर, 2021 को अदालत ने राम रहीम और चार अन्य को डेरा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराया था।

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हनीप्रीत के साथ बरनावा आश्रम पहुंचा राम रहीम
राम रहीम 40 दिन की पैरोल मिलने के बाद हरियाणा की सुनारिया जेल से शनिवार को बागपत के बरनावा आश्रम में पहुंच गया। आधा आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ सुरक्षा घेरे में गुरमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल से लेकर हरियाणा व उत्तर प्रदेश की बागपत पुलिस बरनावा आश्रम पहुंची। हर बार की तरह इस बार भी हनीप्रीत उसके साथ आई है।

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आश्रम के गेट पर कड़ा पहरा
राम रहीम के आश्रम में प्रवेश करते ही मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया। बताया गया कि साध संगत के आश्रम के अंदर प्रवेश करने पर रोक लगाई गई है। सीओ बागपत डीके शर्मा ने बताया कि पैरोल के नियमों का पालन करते हुए आश्रम में भीड़ नहीं जुटने दी जाएगी। यदि नियमों का उलंघन हुआ तो करवाई भी की जाएगी। डेरे के मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात किया गया। अब आश्रम के गेट पर पुलिस का सख्त पहरा है।

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