Farmer Movement News: हरियाणा सरकार की किसान आंदोलन कवरेज करने वाली मीडिया को शंभू बॉर्डर से दूर रहने की हिदायत, पंजाब DGP को लिखा पत्र
Farmer Movement News: हरियाणा के अंबाला जिले की शंभू बॉर्डर से दिल्ली कूच करने की घोषणा कर चुके पंजाब के आंदोलनकारी किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस एकदम से अलर्ट मोड पर तो है ही, बल्कि पिछली गलतियों और कमियों को भी इस बार पुलिस द्वारा हल्के में नहीं लिया जा रहा। इसे लेकर हरियाणा के ADGP लॉ एंड ऑर्डर संजय कुमार द्वारा एक पत्र पंजाब पुलिस महानिदेशक को भीलिखा गया है। जिसमें किसानों के जत्थे के साथ जो मीडियाकर्मी भी कवरेज इत्यादि के लिए जा रहे हैं उन्हें शंभू बॉर्डर से दूर रखने के लिए लिखा गया है। और इस पत्र में ADGP द्वारा मीडिया कर्मियों की सेफ्टी का हवाला दिया गया है।
इस पत्र में लिखा गया है कि मीडिया कर्मियों की मौजूदगी के कारण हरियाणा पुलिस को ला एंड ऑर्डर की स्थिति बनाए रखने में कई तरह की मुश्किलें आ रही है यानि किसानों पर उचित कानूनी कार्रवाई हरियाणा पुलिस नहीं कर पा रही। इसलिए मीडिया कर्मियों को कम से कम 1 किलोमीटर की दूरी तक ना आने दिया जाए ताकि पुलिस पूरी आजादी के साथ कानूनी तरीके से अपना काम इस आंदोलन में कर सके। इस तनाव को कंट्रोल करने के लिए यह पत्र जारी किया गया है। साफ तौर पर अगर कहा जाए तो हरियाणा प्रशासन ने सीधे तौर पर पंजाब पुलिस के कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि किसान नेताओं के मुताबिक किसानों के विरोध प्रदर्शन को अब 300 दिन पूरे हो गए। इस आंदोलन में विरोध प्रदर्शन में कई बार पुलिस के साथ किसानों की झड़पें भी हो चुकी है। 6 तारीख को किसानों और हरियाणा पुलिस के बीच में हुए तनाव के दौरान कई किसान घायल भी हुए थे, जिसे लेकर भी किसान पुलिस ओर सरकार पर काफी भड़के हुए हैं। उन्होंने आज फिर राजधानी दिल्ली कूच की घोषणा की हुई है, जिसे लेकर हरियाणा का प्रशासन पूरी तरह से तैयारी किए हुए है। पुलिस किसानों के इस जत्थे को हरियाणा में एंट्री करने नहीं देगी । यह बात हरियाणा का प्रशासन साफ साफ कह चुका है, लेकिन मीडिया कर्मियों के मौके पर मौजूद रहने के कारण पुलिस खुलकर कानूनी कार्रवाई नहीं कर पा रही। इसलिए पंजाब पुलिस से सहयोग करने को लेकर यह पत्र लिखा गया है।
बता दे कि पिछले आंदोलन के दौरान जब पंजाब के किसान राजधानी दिल्ली पहुंचे थे। उस दौरान भी कुछ मीडिया कर्मी खास तौर पर सोशल मीडिया से जुड़े लोग इनके साथ दिल्ली तक पहुंचे थे। उनकी कवरेज के कारण यह आंदोलन काफी उग्र रूप ले गया था। उससे सबक लेते हुए प्रशासन इस प्रकार की चूक इस बार नहीं दोहराना चाहता। हरियाणा पुलिस ने साफ तौर पर हरियाणा के रास्ते दिल्ली पहुंचने को लेकर किसानों की रुकावट के लिए अपनी तैयारियां एकदम पूरी की हुई है।
कैबिनेट मंत्री अनिल विज का ऐलान बिना अनुमति हरियाणा में एंट्री नहीं
इस मामले में हरियाणा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल विज का साफ कहना है कि बिना अनुमति लिए इस प्रकार के आंदोलन के लिए हरियाणा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह बिल्कुल जायज नहीं है। हरियाणा पुलिस इस प्रकार की जबरदस्ती को रोकने के लिए पूरी तरह से समर्थ भी है। इसमें पंजाब सरकार और प्रशासन को हरियाणा प्रदेश का सहयोग करना चाहिए।अनिल विज ने किसानों के दिल्ली कूच के संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि “क्या इस किसानों ने आगे जाने की इजाजत ले ली है और बिना इजाजत के कैसे इन्हें हरियाणा से होते हुए आगे जाने दिया जा सकता है, यदि यह इजाजत लेते हैं तो ही इन्हें आगे जाने दिया जा सकता है"।
विज ने मीडिया पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बेशक देश का हर कोई नागरिक दिल्ली जा सकता है, मगर आप कोई खास कार्यक्रम करने जा रहे हैं तो आपको पहले वहां दिल्ली में बैठने की इजाजत भी लेनी चाहिए, यदि किसान इजाजत लेकर नहीं जाएंगे तो यह हरियाणा में भी जम सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले एक साल से किसानों को बॉर्डर पर बिठाया हुआ है। इसलिए यह पहले इजाजत लें, फिर आगे जाएं।

