10 मांगों को लेकर किसानों ने रोकी नोएडा की रफ्तार, मिला 7 दिनों का आश्वासन, पढ़ें रिपोर्ट
इससे नाराज किसान सड़क पर ही डेरा डाल कर बैठ गए. फिर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने शासन स्तर पर बात कराने का आश्वासन दिया और दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को भी खुलवाया. किसान अभी दलित प्रेरणा स्थल में बैठे हैं. अब वही पर किसानों ने डेरा जमा रखा है. उन्होंने खाना बनाने तक का पूरा इंतजाम कर रखा है. इन दिनों जारी मौसमी ठंड से बचने के लिए रजाई-कंबल भी अपने साथ लेकर आए हैं. अलाव जल रहा है. जोशीले भाषणों से एक-दूसरे का मनोबल भी बढ़ा रहे हैं.
New Delhi, Aapni News: देश की राजधानी दिल्ली से लगती यूपी के नोएडा की लंबी चौड़ी सड़के सोमवार को उस समय तंग हो गई जब कई हजारों की संख्या में किसानों का काफिला दिल्ली कूच के लिए निकल पड़ा। जिसके चलते सड़कों पर लंबे जाम लग गए और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस के साथ बातचीत का दौर शुरू हुआ और किसानों को बॉर्डर पर रोका गया। अब अधिकारियों द्वारा आश्वासन मिलने पर किसानों का कहना है वो आगामी एक सप्ताह तक दलित प्रेरणा स्थल में ही प्रदर्शन जारी रखेंगे। अगर फिर उनकी मांगों को लेकर कोई सुनवाई नहीं हुई तो वो दिल्ली कुच करेंगे। और अपने हकों के लिए आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
सोमवार को नोएडा के महामाया फ्लाईओवर से दिल्ली जा रहे किसानों को यूपी की नोएडा पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल से आगे नहीं बढ़ने दिया. इससे नाराज किसान सड़क पर ही डेरा डाल कर बैठ गए. फिर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने शासन स्तर पर बात कराने का आश्वासन दिया और दिल्ली-नोएडा लिंक रोड को भी खुलवाया. किसान अभी दलित प्रेरणा स्थल में बैठे हैं. अब वही पर किसानों ने डेरा जमा रखा है. उन्होंने खाना बनाने तक का पूरा इंतजाम कर रखा है. इन दिनों जारी मौसमी ठंड से बचने के लिए रजाई-कंबल भी अपने साथ लेकर आए हैं. अलाव जल रहा है. जोशीले भाषणों से एक-दूसरे का मनोबल भी बढ़ा रहे हैं.
सचिव स्तर पर बात से होगा कोई हाल
किसान एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा का कहना है कि कई अधिकारियों ने भरोसा भी दिलाया है कि शासन के सचिव स्तर पर इस मुद्दे को लेकर बात होगी. अगर, एक सप्ताह में बात नहीं कराई गई तो हम दिल्ली जाकर सीधे संसद का घेराव करने के लिए निकलेंगे. किसान ठंड के मौसम में धरने पर जोर-शोर से डटे हुए हैं. उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई है.
किसानों को रोकने के लिए नोएडा पुलिस ने किए थे ये इंतजाम
नोएडा पुलिस ने किसानों को दिल्ली कूच से रोकने के लिए दलित प्रेरणा स्थल के सामने कई बैरिकेड्स लगाए थे. उधर, से दिल्ली पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाकर किसानों को रोकने की तैयारी भी की थी. दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर हजारों की संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात भी किया गया था. इसके साथ ही अन्य जरूरी इंतजाम भी किए गए थे.
किसानों ने थाम दी नोएडा की रफ्तार
किसानों के दिल्ली कूच की वजह से नोएडा की रफ्तार भी थम गई. पुलिस महामाया फ्लाईओवर से आगे वाहनों को जाने भी नहीं दिया गया. इस वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क पर लंबा जाम भी लग गया. यमुना एक्सप्रेस-वे से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे होकर दिल्ली जाने वाले व्यावसायिक वाहनों और सिरसा से परी चौक होकर सूरजपुर जाने वाले रास्ते पर भी वाहनों की आवाजाही पर भी रोकी गई.
यह हैं किसानों की मांगें?
इन किसानों की प्रमुख मांगों में शामिल जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 10 % विकसित भूखंड, और नए भूमि अधिकरण कानून के तहत लाभ, रोजगार और पुर्नवास में लाभ व हाई पावर कमेटी की सिफारिश जैसी कई अन्य मांगें शामिल हैं. किसान अपनी इन मांगों को लेकर बीते रविवार नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बात हुई पर कोई हल नहीं निकल पाया था. वही इस पर संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया था.
स्तिथि को लेकर यूपी पुलिस का क्या कहना है?
नोएडा ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि किसान दलित प्रेरणा स्थल पर धरने पर बैठे हैं. ट्रैफिक को पूरी तरह से दोबारा सुचारू कर दिया गया है. लोगों से अपील है कि वो किसानों के धरना प्रदर्शन के चलते ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी किए गई एडवाइजरी को देखकर ही अपने घर से निकलें.

