Millet Cultivation: बाजरा किसानों के हुए वारे-न्यारे, भाव पहुंचा ₹2600 गेहूं के रेट बराबर
Dec 5, 2023, 15:15 IST


Millet Cultivation: बाजरे की कीमत
2014 में बाजरे की खेती में 300% की वृद्धि ने किसानों के उत्साह बढ़ाया है। इस समय बाजरा और गेहूं की कीमतें लगभग बराबर हैं जो किसानों को बाजरा की खेती के प्रति आकर्षित कर रही हैं। वर्ष 2022 में अलवर शहर की कृषि उपज मंडी में बाजरे की आवक 1 लाख 97हजार 241 क्विंटल हुई थी जो कि अपने आप में एक रिकाॅर्ड थी। 2022 में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य 2350 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2500 रुपये प्रति क्विंटल हो गया था।
Millet Cultivation: बाजरे की डिमांड
बाजरा जहां इंसानों के लिए खाद्य पदार्थ है वहीं दुधारू पशुओं के लिए भी यह एक पोष्टिक आहार है जिसके चलते इसकी डिमांड हरियाणा, पंजाब , यूपी और गुजरात में काफी ज्यादा है क्योंकि यहां पर दुधारू पशुओं की संख्या काफी है। इसके अलावा जिन राज्यों में पोल्ट्री उद्योग ज्यादा है वहां पर भी बाजरा की डिमांड काफी है।बारानी क्षेत्र की पहली पसंद है बाजरा की खेती
कम लागत और प्राकृतिक आपदाओं से कम नुकसान के साथ बाजरे की खेती किसानों के लिए फायदेमंद है। जिसके कारण राजस्थान एंव कम सिंचाई पानी के क्षेत्रों में बाजरा की अच्छी खासी खेती की जाती है। साथ ही कम लागत के कारण किसानों की पहली पसंद बनी हुई है। Also Read: Leaf Miner Disease: सरसों की फसल में आया लीफ माइनर रोग, ऐसे करें नियंत्रण