Braj Holi: ब्रज में होली की धूम शुरू, मंदिरों में उड़ा अबीर-गुलाल, देखें ब्रज के होली कार्यक्रमों की पूरी लिस्ट - Aapni News

Braj Holi: ब्रज में होली की धूम शुरू, मंदिरों में उड़ा अबीर-गुलाल, देखें ब्रज के होली कार्यक्रमों की पूरी लिस्ट

Rajbala Poonia
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Braj Holi:   कान्हा की नगरी ब्रज में होली का एक अलग ही अंदाज देखने को मिलता है, यही कारण है कि ब्रज की होली पूरी दुनिया में मशहूर है. ब्रज की होली का त्योहार बसंत पंचमी से शुरू होता है, जो 40 दिनों तक चलता है। इस दिन वृन्दावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुबह श्रृंगार आरती के बाद भगवान के गालों पर गुलाल लगाया जाता है, जिसके बाद भक्तों पर प्रसाद के रूप में गुलाल डालकर बृज के होली उत्सव की शुरुआत की जाती है. बसंत पंचमी के दिन होलिका दहन स्थलों पर होली ढांडा गाड़ने की भी परंपरा है।

 Braj Holi:    40 दिवसीय होली उत्सव शुरू

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बांकेबिहारी मंदिर के साथ-साथ ब्रज के लगभग सभी मंदिरों में गुलाल जलाकर होली खेली गई और इसके साथ ही ब्रज में 40 दिवसीय होली उत्सव की शुरुआत हो गई है. प्रतिदिन सुबह भगवान कृष्ण को अबीर गुलाल लगाने की परंपरा भी ब्रज के मंदिरों में शुरू की गई है। वैसे तो होलिका दहन 24 मार्च को है और होली का त्योहार 25 मार्च को मनाया जाएगा, लेकिन होली की अद्भुत छटा ब्रज नगरी में अभी से दिखने लगी है. होली का त्योहार द्वापर युग से मनाया जा रहा है। ब्रज की होली बांकेबिहारी मंदिर से शुरू होगी और रंगनाथ मंदिर की होली के साथ समाप्त होगी.

 Braj Holi:   अनूठी परंपराओं वाली ब्रज की होली

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देश ही नहीं बल्कि सात समंदर पार से भी लोग ब्रज की होली को देखने और इसमें शामिल होने आते हैं। अपनी अनूठी परंपराओं के लिए देश-दुनिया में खास पहचान रखने वाली ब्रज की होली में होली गीत, पद गाने की प्राचीन परंपरा है, जिसे सामुदायिक गायन भी कहा जाता है। बरसाना स्थित श्रीजी मंदिर में प्रतिदिन ठाकुरजी के समक्ष ब्रज भाषा में होली के पद गाए जाएंगे। गोस्वामीजन समाज गायन करते हुए एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं।

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