दादरी: आयुष्मान भव से 9 पीएचसी का होगा कल्याण, हितग्राही का खर्चा सरकार की ओर से होगा भुगतान

 
Haryana 

सरकार ने आयुष्मान भव: के दायरे में आने वाले मरीजों के लिए 5 लाख तक के इलाज का प्रस्ताव रखा गया है।  मरीज सिविल अस्पताल, सीएचसी या फिर पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में पैकेज के तहत उपचार करवा सकता है।

    चरखी दादरी की 9 पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) को भी आयुष्मान भव: के तहत मरीजों का उपचार करने पर अब सरकार की तरफ से पैकेज दिया जाएगा। यहां भी प्रति मरीज 5 लाख तक के उपचार पैकेज का प्रावधान रहेगा। अब तक पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के अलावा सिविल अस्पताल और तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को ही सरकार की तरफ से उपचार की एवज में भुगतान राशि मिलती थी। नए प्रावधान से पीएचसी का भी कल्याण होगा। Also Read:Weather: पहाड़ों पर बर्फबारी, दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश, दिल्ली-NCR में प्रदूषण के बीच हल्का कोहरा   प्राप्त आय से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बढ़ा सकेंगे जनसुविधाओं का दायरा सरकार ने आयुष्मान भव: के दायरे में आने वाले मरीजों के लिए 5 लाख तक के उपचार का प्रावधान किया हुआ है। मरीज सिविल अस्पताल, सीएचसी या फिर पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में पैकेज के तहत उपचार करवा सकता है। अब तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इसमें शामिल नहीं थे और इसके चलते वहां आय का कोई साधन नहीं था।
नई व्यवस्था के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी आय के साधन उत्पन्न होंगे और इसका फायदा ये होगा कि प्राप्त आय से जनसुविधाएं का दायरा बढ़ाया जा सकेगा और सीधे तौर पर इसका लाभ मरीजों को ही मिलेगा। जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले की 9 पीएचसी की सूची तैयार कर मुख्यालय भेज दी है। जल्द ही पीएचसी स्तर पर पैकेज का प्रावधान हो जाएगा।   Also Read:Haryana: दादा गौतम फिर बोले, जाट समाज को जाट सीएम से कम कुछ भी मंजूर नहीं

जिले में 12 पीएचसी

दादरी जिले में 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं और आयुष्मान भव: के तहत पहले चरण में 9 पीएचसी कवर की जाएंगी। इसके बाद बाकी तीन और पीएचसी को भी इस दायरे में जाने की योजना है। जिले के गांव सांवड़, रानीला, इमलोटा, अचीना, कादमा, माईकलां, बाढड़ा, संतोकपुरा, मानकावास, बलकरा, छपार व हड़ोदी में पीएचसी सुविधा है। आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को 5 लाख तक के उपचार की सुविधा है। इसके तहत लाभार्थी पैनल में शामिल किसी निजी अस्पताल के अलावा सिविल अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना उपचार करवा सकता है। उपचार का खर्च सरकार की ओर से संस्थान को वहन किया जाता है। प्रत्येक संस्थान लाभार्थी का ब्योरा भेजता है और उसके बाद ही भुगतान प्रक्रिया अमल में लाई जाती है।

ये है उपचार सुविधा का दायरा

आयुष्मान भव: के लाभार्थियों के उपचार के लिए सरकार ने प्रावधान किया है। इसके तहत 228 प्रकार के ऑपरेशन, 70 प्रकार के टेस्ट, 21 तरह का डेंटल उपचार और 541 प्रकार की दवा सुविधा का प्रावधान है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ये सुविधा रास भी आ रही है।
अधिकारी के अनुसार जिले की 12 में 9 पीएचसी की सूची तैयार कर मुख्यालय भेज दी गई है। सिविल अस्पताल और सीएचसी की तर्ज पर पीएचसी को भी आयुष्मान भव: के लाभार्थियों का उपचार करने पर सरकार की ओर से राशि जारी की जाएगी। पीएचसी पर इससे जो आय होगी उसे जनसुविधाओं पर ही खर्च किया जाएगा।