टिकट कटने पर छलका कुलदीप बिश्नोई का दर्द, बोले- अगर मैं हिसार से होता तो चुनाव एकतरफा होता
हरियाणा की हिसार लोकसभा सीट से बीजेपी का टिकट न मिलने का मलाल आज भी कुलदीप बिश्नोई को है. फतेहाबाद के धांगड़ गांव में जनसभा के बाद कुलदीप बिश्नोई ने मीडिया से कहा कि अगर मुझे हिसार से टिकट मिलता तो चुनाव एकतरफा होता. लेकिन, हम अभी भी जीत रहे हैं. अगर फतेहाबाद और आदमपुर में कोई कसर रह गई तो वे किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा चौधरी भजन लाल पर सुनाए गए किस्से पर कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मनोहर लाल ने भजन लाल का नाम नहीं लिया. उन्होंने सबकुछ साफ कर दिया है. उन्होंने चौधरी साहब की तारीफ भी की. मेरे घर आकर भी वो मुझसे मिले.
मेरे भाई और मेरी लाज रख लेना
फतेहाबाद से बीजेपी विधायक कुलदीप बिश्नोई और उनके चचेरे भाई भाई दुदाराम ने भी जनता के सामने हाथ जोड़कर कहा कि अगर आपने वोट नहीं दिया तो आपका भविष्य खतरे में पड़ जाएगा. आपकी पर्ची पकड़ने वाला कोई नहीं होगा. भूपेन्द्र सिंह हुडडा आपका कभी भला नहीं कर सकते। केवल भजनलाल परिवार ही आपका भला कर सकता है और यह तभी संभव है जब आप हमें मजबूत करेंगे।
भाजपा से किये गये वादे तभी पूरे होंगे जब जीत होगी
कुलदीप ने कहा कि इस बार बहुत कुछ आपके वोट पर निर्भर करता है. भाजपा ने हमसे जो वादे किए हैं, वे तभी पूरे होंगे जब हमें आपका वोट मिलेगा, अन्यथा हमने जो भी कहा है वह रद्दी हो जाएगा। आपके एक-एक वोट पर बहुत कुछ निर्भर करता है.
फतेहाबाद में भाई चंद्रमोहन के कांग्रेस प्रचार पर उन्होंने कहा कि भाई अपना कर्तव्य निभा रहे हैं और मैं अपना कर्तव्य निभा रहा हूं. राजनीति अपनी जगह है और परिवार अपनी जगह.
दुड़ाराम बोले-कुलदीप की वजह से रतिया सीट जीती बीजेपी
दूदाराम ने भरी सभा में एक पुरानी कहानी सुनाई. दुड़ाराम ने कहा कि जब कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस में थे और विधानसभा चुनाव थे तो कुलदीप को चुनाव प्रचार के लिए रतिया जाना पड़ा. रतिया विधायक लक्ष्मण नापा का फोन आया कि अगर कुलदीप यहां आए तो मेरी हार तय है। इसके बाद मैंने कुलदीप बिश्नोई को फोन किया और रतिया में रैली करने से मना कर दिया.
इसके बाद कुलदीप ने कोई रैली नहीं की और लक्ष्मण नापा 1200 वोटों के अंतर से जीत गए. अगर कुलदीप रैली करते तो सीधे तौर पर 5000 वोटों का फर्क पड़ता.
हिसार से टिकट मांग रहे थे, बीजेपी ने रणजीत चौटाला को दे दिया
कांग्रेस छोड़ने के बाद कुलदीप बिश्नोई 4 अगस्त 2022 को बीजेपी में शामिल हो गए और तब से वह हिसार लोकसभा सीट से टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं. हालांकि, बीजेपी ने उनके परिवार के प्रतिद्वंद्वी रणजीत चौटाला को टिकट दे दिया.
इसके बाद कुलदीप ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि टिकट नहीं मिलने से हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान में रहने वाले उनके समर्थकों में निराशा है. मुझे भी समर्थकों के फोन आ रहे हैं, लेकिन निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जिंदगी बहुत लंबी है.

