Chanakya Niti: पत्नी में हों ऐसे गुण तो प्रेम में होते हुए भी पति को छोड़ देनी चाहिए पत्नी

 
Chanakya Niti: पत्नी में हों ऐसे गुण तो प्रेम में होते हुए भी पति को छोड़ देनी चाहिए पत्नी
Aapni News, Chanakya Niti: शादी के बाद एक महिला अपने पति और उसकी पूरी पीढ़ी की खुशी के लिए जिम्मेदार होती है। वह घर में सिर्फ बहू बनकर नहीं बल्कि एक इज्जतदार इंसान बनकर जाती है। इसलिए शादीशुदा महिला को हर काम बहुत सोच समझकर करना चाहिए। माना गया हे कि अगर पत्नी संस्कारी हो तो वह बिगड़े हुए आदमी को भी सुधार सकती है और उसकी असफलताओं को भी सफलता में बदलने की ताकत रखती है। लेकिन अगर पत्नी का स्वभाव विपरीत हो तो इसका परिणाम परिवार के हर सदस्य को भुगतना पड़ सकता है। यहां तक कि स्वयं पति भी अपने जीवन में कभी सुख का अनुभव नहीं कर पाता है। महान कूटनीतिज्ञ और दार्शनिक आचार्य चाणक्य की नीतियों का संग्रह 'चाणक्य नीति' पुस्तक में भी इस बात का उल्लेख है कि यदि पत्नी में पतन का कारण बनने वाले गुण हों तो उसे छोड़ देना ही उचित है। आप नीचे बताए गए लक्षणों से एक बुरी पत्नी की पहचान कर सकते हैं। Also Read: हरियाणा सरकार को High Court से बडा झटका, हरियाणा के लोगों को प्राइवेट नौकरियों में नहीं मिल पाएगा 75% आरक्षण. जो सोच-विचारकर नहीं बोलता चाणक्य नीति के अनुसार जिस पत्नी का अपनी वाणी पर नियंत्रण न हो और जो बहुत कठोर शब्दों का प्रयोग करती हो, उस पत्नी को त्याग देना उचित माना जाता है। क्योंकि ऐसे लोग कुछ भी बोल देते हैं जिससे बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। साथ ही ऐसे लोग दूसरों की भावनाओं की भी परवाह नहीं करते हैं। बिना समझे क्रोध करना गुस्सा इंसान का स्वभाव है लेकिन जब कोई इससे पीड़ित होता है तो यह उसके आस-पास के लोगों के जीवन को दुखी कर देता है। इसीलिए आर्चाय चाणक्य कहते हैं कि अपनी और अपने परिवार की खुशी के लिए क्रोधी स्वभाव वाली पत्नी को छोड़ देना ही बेहतर होता है। Also Read: Relief: रेवाड़ी से चंडीगढ़ का सफर अब होगा 3 घंटे, अजमेर दिल्ली वंदे भारत ट्रेन को मंजूरी घर का माहौल ख़राब रखना घर में अशांति फैलाने वाली पत्नी के साथ जीवन कभी सुखमय नहीं हो सकता। इस गुण का परिणाम पूरी पीढ़ी को भुगतना पड़ सकता है क्योंकि ऐसी महिलाएं अपने बच्चों को अच्छे गुण नहीं सिखा पाती हैं। एक अच्छी पत्नी की पहचान क्या है? चाणक्य नीति के अनुसार एक स्त्री तभी अच्छी पत्नी कहलाती है जब वह अपने कर्म, धर्म और वचन से शुद्ध हो. उसे पता होना चाहिए कि उसके शब्दों और कार्यों के परिणाम क्या होंगे. वह कम पैसों में भी अच्छे से घर चलाना जानते हैं। इसके साथ ही अपने पति से प्यार करें और हर सुख-दुख में उनका साथ दें।

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