आपने फसल बीमा कराया है तो इन 7 तरीकों में जानें आवेदन का स्टेटस..

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम फसल बीमा योजना के जरिए किसानों की फसल का बीमा किया जाता है। जिसका प्रीमियम आधा किसान और आधा सरकार भरती है। इस तरह अगर आपकी फसल जिसका बीमा किया गया है। वह किसी कारणवश खराब हो जाती है तो उस फसल का बीमा क्लेम बीमा कंपनी द्वारा दिया जाता है। यह ठीक वैसे ही है जैसे आप अपना स्वास्थ्य बीमा करवाते हैं। अगर आपको अभी तक इस योजना के बारे में नहीं पता है तो आइए जानते हैं।
कब शुरू हुई यह योजना
फसल बीमा योजना की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 18 फरवरी 2020 को की है। यह एक ऐसी योजना है जिसमें किसान अपनी फसल के नुकसान की रिपोर्ट कर सकते हैं। प्रधानमंत्री द्वारा फसल बीमा योजना शुरू करने का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल नुकसान से पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। ताकि किसानों को नई और आधुनिक कृषि सामग्री खरीदने में मदद मिल सके।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को अलग-अलग फसलों के नुकसान पर अलग-अलग राशि प्रदान की जाती है। देश के किसानों को इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए कुछ जरूरी पात्रता पूरी करनी होती है। इसके साथ ही आवश्यक दस्तावेज भी तैयार करने होंगे।
7 स्टेप में जानें आवेदन की स्थिति
किसानों का फसल बीमा हेतु आवेदन NCIP पर सफलतापूर्वक पंजीकृत हो गया है।
किसानों के फसल बीमा के पंजीकरण हेतु भुगतान सफलतापूर्वक हो गया है।
किसान भाई, आपका प्रीमियम बीमा कंपनी द्वारा स्वीकृत हो गया है।
यदि किसान भाई की फसल बीमा स्थानीय आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हो जाती है।
तो किसान की क्षतिग्रस्त फसल हेतु आवेदन सफलतापूर्वक प्राप्त हो गया है।
किसान भाई के सफल आवेदन के पश्चात क्षतिग्रस्त फसल की आपदा हेतु सर्वेक्षण तालिका जारी कर दी गई है। सर्वेक्षण तालिका जारी होने के पश्चात गठित समिति द्वारा फसल का सर्वेक्षण किया गया है।
सर्वेक्षण के पश्चात समिति की रिपोर्ट के आधार पर किसान के दावे का आंकलन किया गया है।
फसल बीमा योजना के लाभ
पीएम फसल बीमा योजना के तहत कई लाभ प्रदान किए जाते हैं, जिनमें से कुछ हमने आपको नीचे दी गई सूची में दिए हैं
प्राकृतिक आपदा के कारण फसल के नुकसान पर पूरी बीमा राशि
ऑनलाइन बीमा कैलकुलेटर
खेती को और भी अधिक लाभदायक बनाना
बहुत कम प्रीमियम राशि
आसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
किसानों को खेती के प्रति प्रोत्साहित करना
24 घंटे हेल्पलाइन की उपलब्धता
आवश्यक दस्तावेज़
आधार कार्ड
बैंक खाता पासबुक
खसरा नंबर
बुवाई प्रमाण पत्र
ग्राम पटवारी
भूमि से संबंधित दस्तावेज़